
मथुरा से बड़ी खबर सामने आई है। आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं के मानदेय और प्रोत्साहन राशि को लेकर अब मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।आल इंडिया आशा अधिकार मंच ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर आशा एवं संगिनी बहनों के भुगतान और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग उठाई है। संगठन का आरोप है कि सरकार की ओर से अन्य विभागों के कर्मचारियों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की घोषणा की गई, लेकिन आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं के लिए अभी तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। संगठन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। इसी मांग को लेकर संगठन ने सरकार के साथ वार्ता की बात कही है। ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पहले चरण में 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2026 तक इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यानी टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से जुड़े तमाम कामों में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है, और अब भुगतान के मुद्दे पर उनके आंदोलन की चेतावनी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।आशा कार्यकर्ताओं की मांग है कि उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए, ताकि वह अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकें। अब देखना होगा कि आशा कार्यकर्ताओं की इस मांग पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाते हैं क्या बातचीत से मामला सुलझेगा या फिर कार्य बहिष्कार के ऐलान के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ेगा




